Youth…

                                 

Youth

अब कौन रोकेगा ..
दिल ज़िद ना छोड़ेगा ..
सुखा समंदर ..
सब्र क्या मेरा तोड़ेगा..
खुद का हु कोच मैं..
एक नयी सोच मैं..
चल ना ..
दोड़ेगा ये समा भी ..
चल ना ..
वक्त में हैं आँधियाँ भी ..
चल ना ..
रक्त में मर्जियाँ भी ..
चल ना …

सीधा रस्ता क्यूँ चलूँ ..
जब उड़ भी में सकूं ..
पत्थर ढूँढेगा मुझे ..
उसके खातिर क्यूँ रूकूँ..
सबका आज हुँ मैं ..
कल की आवाज हूँ मैं..
मेरी दौड़ती आँधी को ..
कौन रोकेगा ..
चल ना ..
खुद का मिल गया इशारा ..
चल ना ..
वक्त है अपना ये सारा.
चल ना ..
जमाना है हमारा ..
चल ना ..

उड़कर आसमां में ..
मैनें ये जाना..
होता ही नहीं ..
वहां कोई ठिकाना ..
बस एक तूफानं होता है।
खुद को हो जिसमें पाना ..
पांव चलते ही रहें..
सपना तो मेरा दौड़ेगा ..
चल ना ..
रोक सके ना ज़माना ..
चल ना ..
कल को गले लगा ना .
चल ना ..
होने दे खुद को मनमाना..
चल ना …

 

पहला नाम है तेरा

song lyrics पहला नाम है तेरा




song lyrics पहला नाम है तेरा

song lyrics पहला नाम है तेरा

लब पे जो आए ..
पहला नाम है तेरा …
तू रूह तलक जाए ..
आराम है मेरा …
तेरी साँसों में सिमटा ..
पहला ख्वाब हूँ मैं ..
तेरी और चला आऊं ..
ये काम है मेरा … Continue reading

 

खामोखां

Song poetry खामोखां





Song poetry खामोखां

Song poetry खामोखां

प्यार है इस कदर ..
फिर क्यूँ है ये दास्तां ..
लव्ज रो दिए हैं .
चल दिये क्यूँ खामोखां .
कह जाती गर ये दूरी..
ना मिलेंगे फिर कभी ..
नजरें ना पूछती ये ..
सवाल खामोखां ..
दास्तां .. कैसी है ये दास्तां ..
खामोखां ..
खामोखां ..
चल दिए क्यूँ खामोखां .. Continue reading

 

वक़्त जरा सा पाऊं।।

Poetry in hindi वक़्त जरा सा पाऊं




Poetry in hindi वक़्त जरा सा पाऊं

Poetry in hindi वक़्त जरा सा पाऊं

कभी खुद तक पहुंच जाऊँ ..
खुद को पाऊं..
भूल गया मैं मुझको ..
याद ज़रा सा आऊँ ..
लहरों पर बैठे सपनों में ..
डूब जाना चाहूँ ..
पानी की बूंदों सा..
खुद में कूद जाना चाहूँ ..
परिंदा सा में ..
ज़मीं को .. Continue reading

 

रंगरेज पिया।।

Song रंगरेज पिया




Song रंगरेज पिया

Song रंगरेज पिया


रंगरेज रे रंगरेज रे …पिया ..
प्रीत का ये बंधेज रे …
तू  मन को मेरे भाने लगा ..
तेरा मोह मुझे यूँ चाहने लगा ..
सारी हक़ीक़त झूठी..
दुनिया से परहेज रे ..
रंगरेज  रे रंगरेज रे .. पिया ..
प्रीत का ये बंधेज  रे ..
निखरने लगी
मैं.. संवरने लगी .. मैं..
उलझन प्रीत की समझने लगी मैं .. Continue reading