Desperate

I can’t wait..
Yes i am desperate..
I am cranky..
I think opportunity’s are late…
Someone told me..
‘ for the success’
I have to wait..
Until it comes…
Until the very date..
But i am desperate..
Life can be ornate..
Live at every moment..
Grief can be won by laughing..
Success can be await..
Then why i am so desperate..
Maybe i want to live tomorrow..
don’t want to live in today ‘s date..
Thats the reason i can’t explain..
Cause i am confused..
About at such a success rate..
I can’t look behind..
And think about only straight..
I can’t wait..
I am desperate..
Maybe one day..
I will succeed..
Then the memories will fall short..
And i will curse the fate..
So let’s talk today..
I think i should ask u all..
What should i love..
what should i hate..
I can’t wait..
Yes i am desperate…


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फिर बनेगा केरला कल।

आखिरी आँसू भी मिल गया होगा पानी में ..
इतिहास बन चुकी लोगों की कहानी में ..
थोड़ा सा सहारा देतें हैं चल …
फिर बनेगा केरला कल …

  • उँगली थाम लेते हैं कम से कम …
    लाख हैं वो और करोड़ों हम …
    आगे खड़े हैं हम ढाल बन ..
    साथ दे रहा है मिट्टी का हर कण..
    चाहे कठोर हो बह रहा हो जल ..
    फिर बनेगा केरला कल ..
  • एक हिस्सा बह रहा है..
    इस माँ की आँखे हैं नम…
    भारत मांँ को लगाते हैं मलहम..
    बढ़ा कर एक छोटा सा कदम …
    जीत लेंगे जंग साथ में हम ..
    बीतेगा दुख का भी ये पल ..
    फिर बनेगा केरला कल …
  • हो ना पाए उनकी आंखें नम..
    सह रहे हैं जो अपनों का गम ..
    वक्त से मिटेगा वो जख्म ..
    जब वक्त काटने को साथ हों हम ..
    थाम लेते हैं हाथ उनका चल …
    फिर बनेगा केरला कल. ..
 

Indescribable

Poem in english Indescribable




Poem in english Indescribable

Poem in english Indescribable

My endless emotions can ..
Never be described..
My emotions can not
Ever be confined..
My mind always has more to write..
But raindrops.. Continue reading

 

वक़्त जरा सा पाऊं।।

Poetry in hindi वक़्त जरा सा पाऊं




Poetry in hindi वक़्त जरा सा पाऊं

Poetry in hindi वक़्त जरा सा पाऊं

कभी खुद तक पहुंच जाऊँ ..
खुद को पाऊं..
भूल गया मैं मुझको ..
याद ज़रा सा आऊँ ..
लहरों पर बैठे सपनों में ..
डूब जाना चाहूँ ..
पानी की बूंदों सा..
खुद में कूद जाना चाहूँ ..
परिंदा सा में ..
ज़मीं को .. Continue reading

 

आसिफा

Poem in hindi आसिफा




Poem in hindi आसिफा

Poem in hindi आसिफा

वो सहम गई होगी।
वो सिहर गई होगी।
शायद वो हारकर।
बिखर गई होगी।
क्या गलती थी उसकी।
वो सजा से लिपट गई होगी।
वो तन्हा एक नन्ही कली।
खुद में सिमट गई होगी।
दर्द भी नहीं जानती थी जो।
आंसुओं से भर गई होगी।
कैद घूरती निगाहों से।
कितना डर गई होगी।
बंद आँखों की रोशनी में। Continue reading