Youth…

                                 

Youth

अब कौन रोकेगा ..
दिल ज़िद ना छोड़ेगा ..
सुखा समंदर ..
सब्र क्या मेरा तोड़ेगा..
खुद का हु कोच मैं..
एक नयी सोच मैं..
चल ना ..
दोड़ेगा ये समा भी ..
चल ना ..
वक्त में हैं आँधियाँ भी ..
चल ना ..
रक्त में मर्जियाँ भी ..
चल ना …

सीधा रस्ता क्यूँ चलूँ ..
जब उड़ भी में सकूं ..
पत्थर ढूँढेगा मुझे ..
उसके खातिर क्यूँ रूकूँ..
सबका आज हुँ मैं ..
कल की आवाज हूँ मैं..
मेरी दौड़ती आँधी को ..
कौन रोकेगा ..
चल ना ..
खुद का मिल गया इशारा ..
चल ना ..
वक्त है अपना ये सारा.
चल ना ..
जमाना है हमारा ..
चल ना ..

उड़कर आसमां में ..
मैनें ये जाना..
होता ही नहीं ..
वहां कोई ठिकाना ..
बस एक तूफानं होता है।
खुद को हो जिसमें पाना ..
पांव चलते ही रहें..
सपना तो मेरा दौड़ेगा ..
चल ना ..
रोक सके ना ज़माना ..
चल ना ..
कल को गले लगा ना .
चल ना ..
होने दे खुद को मनमाना..
चल ना …

 

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