खामोखां

Song poetry खामोखां





Song poetry खामोखां

Song poetry खामोखां

प्यार है इस कदर ..
फिर क्यूँ है ये दास्तां ..
लव्ज रो दिए हैं .
चल दिये क्यूँ खामोखां .
कह जाती गर ये दूरी..
ना मिलेंगे फिर कभी ..
नजरें ना पूछती ये ..
सवाल खामोखां ..
दास्तां .. कैसी है ये दास्तां ..
खामोखां ..
खामोखां ..
चल दिए क्यूँ खामोखां .. Continue reading