तेरे बिना

Poem about love तेरे बिना



Poem about love तेरे बिना

Poem about love तेरे बिना

फिर से चुरा
ले हर आलम मेरा
चैन आए ना इन पलों को।।
तेरे बिना।
तेरे बिना।।
करवट बदल बदल।
थक गयी शब मेरी।
और एक ये रात है जो।
रूक गयी है।
तेरे बिना।
तेरे बिना।
हाल-ए दिल आवारा।


रात भर रोया है।
लिपट कर तेरी यादों में।
दिल मेरा तन्हा सोया है।
फिर से भीगा दे सावन।
चैन आये ना इन लबों को।
जीना मुझे सीखा दे।
तेरे बिना।।
तेरे बिना।।
शाम की ये तन्हाई।
थम गई तेरी हंसी पर।
हंसता हुआ हर लम्हा।
चुप है तेरी नमी पर।
प्यार तू बरसा दे।
चैन आये ना इन लबों को।
रोशनी से मिला दे।
खुली हुई पलकों को।
जीना मुझे सीखा दे।
तेरे बिना।।
तेरे बिना।।
फिर गले से लगा ले।
हर कतरा मेरा।
चैन आये ना इन सांसो को।
तेरे बिना।
तेरे बिना।।
थोड़ा सा मुझमें जी ले।
ज्यादा सा रहता हूँ तुझमें।
सूनी है ये धड़कन।
कुछ मीठा सा कह जा तू।
आधी आधी सी मेरी दूनिया में।
खुद को भर जा तू।
जीना मुझे सीखा दे।
तेरे बिना।।
तेरे बिना।।

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