तेरे बिना

Poem about love तेरे बिना



Poem about love तेरे बिना

Poem about love तेरे बिना

फिर से चुरा
ले हर आलम मेरा
चैन आए ना इन पलों को।।
तेरे बिना।
तेरे बिना।।
करवट बदल बदल।
थक गयी शब मेरी।
और एक ये रात है जो।
रूक गयी है।
तेरे बिना।
तेरे बिना।
हाल-ए दिल आवारा। Continue reading