आसिफा

Poem in hindi आसिफा




Poem in hindi आसिफा

Poem in hindi आसिफा

वो सहम गई होगी।
वो सिहर गई होगी।
शायद वो हारकर।
बिखर गई होगी।
क्या गलती थी उसकी।
वो सजा से लिपट गई होगी।
वो तन्हा एक नन्ही कली।
खुद में सिमट गई होगी।
दर्द भी नहीं जानती थी जो।
आंसुओं से भर गई होगी।
कैद घूरती निगाहों से।
कितना डर गई होगी।
बंद आँखों की रोशनी में। Continue reading

 

तेरे बिना

Poem about love तेरे बिना



Poem about love तेरे बिना

Poem about love तेरे बिना

फिर से चुरा
ले हर आलम मेरा
चैन आए ना इन पलों को।।
तेरे बिना।
तेरे बिना।।
करवट बदल बदल।
थक गयी शब मेरी।
और एक ये रात है जो।
रूक गयी है।
तेरे बिना।
तेरे बिना।
हाल-ए दिल आवारा। Continue reading