Poem in hindi खामोखां खामोखां ।।

Poem in hindi खामोखां खामोखां ।।




Poem in hindi

Poem in hindi खामोखां खामोखां ।।

थोड़ा सा जी ले तू।
खामोखां खामोखां।।
लाजमी तो नहीं के।
तू मुस्कुराये।
पर होठों को ऐसे।
चैन ना आये।
पलकों से नींदे।
क्यूं ये खफा हैं।
छूने दे नींदों को।


ये कहीं लापता हैं।
थोड़ा सा जी ले तू।
खामोखां खामोखां ।।
जान ले ना खुद को।
थोड़ा सा खुद में जी ले।
बेसब्र हर पल है।
एक सुकून का लम्हा पी ले।
रत्ती भर जी ले तू।
खामोखां खामोखां।।
यारी तो कर ले दिल से।
ये दोस्ती निभाये।
कब से बैठा है तुझमें।
ये तुझको गले से लगाये।
कच्चे धागे हैं ये।
इनमें खुशियों को सी ले।
थोड़ा सा खुद में जी ले।
खामोखां खामोखां।।
रंगों की धून कोई।
तेरी चौखट पे बाजे।
तारों की रोशनी ये।
तेरी खिड़की से झांके।
बाहों को फैलाये।
खुद को सफर में जी ले।
खामोखां खामोखां।।

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